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Mere Sapne
गुरुवार, 26 नवंबर 2009
प्रेम 4
जहा मृत्यु भी इसे नही मिटा सकती वो ये प्रेम !इसलिए प्रेमी मृत्यु से नही डरता सभी डरते है प्रेमी मृत्यु की चिंता नही करता क्यूंकि वो कहता है मैंने उसे जन लिया है और "प्रेम ही मेरी परम-प्रार्थना है "
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