आज पता नहीं दिल की धड़कन इतनी क्यू तेज चल रही है
दिल खाली -खाली सा लग रहा है ,बैठे बैठे आँखोमे आँसू आ गए है और थमने का नाम ही नहीं ले रहे है .सिसक के रो रहे है हम ,अकेलेपन का एहसास बहोत ही दर्द देता है हम जानते है इसे हमे सेहन करना है ,फिर भी ये कमबख्त आँसू आ ही जाते है क्यू ???? नहीं है जवाब हमारे पास, या हम दे नहीं सकते ,ये भी एक बड़ा सवाल है क्या यही जिंदगी है शायद इसीलिए किसीने कहा है
"ये जीवन है, इस जीवन का
यही है, यही है,यही है
रंग रूप थोड़े गम है थोड़ी खुशिया
लेकिन सच तो ये है की,गम ही गम है ,ख़ुशी कही नजर ही नहीं आती हर वक़्त समजौता करना पड़ता है क्यों करे हम ये हमेशा क्या सीधी -सधीअपनी तरीकेसे ये जिन्दगी नहींजी सकते हम ????????????????????????जिन्दगी के थोड़े ही लम्हे बाकि है जो हम बिना किसी गम के और बिना किसी समजौते के जीना चाहते है ....... क्या ये मुमकिन है ????????????
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